Divya Jyoti Foundation
Shopping Cart (0) - Rs0.00

You have no items in your shopping cart.

Har Yug Ki Pukar

440x600

Har Yug Ki Pukar

Be the first to review this product

Availability: In stock

Rs15.00
Product code: DJFBK026

गुरुमुख- तो मनमुख साहब, उपाय सुना आपने? मुनि जी ने कितने स्पष्ट और खरे शब्दों में हम गृहस्थियों को कल्याण का सीधा-सरल रास्ता दर्शाया- संत-संगति यानी पूर्ण गुरु की शरणागति!

मनमुख (थोड़ा चिढ़कर) - हुँ, पर यह रास्ता इतना सीध और सरल भी नहीं है... खासकर मेरे जैसे के लिए, जिसका मन गुरु-वुरु धरण करने को कतई तैयार नहीं।

गुरुमुख (स्नेहपूर्वक) -  समझता हूँ! तेरी मनोदशा को मैं भली-भांति पढ़ पा रहा हूँ...तेरे मन को मनाने के लिए ही तो तुझे इस अद्भुत यात्रा पर लेकर आया हूँ...चल, चलते हैं हम अलग-अलग युगों की सैर पर...

Check Shipping Availibility

Product Description

गुरुमुख- तो मनमुख साहब, उपाय सुना आपने? मुनि जी ने कितने स्पष्ट और खरे शब्दों में हम गृहस्थियों को कल्याण का सीधा-सरल रास्ता दर्शाया- संत-संगति यानी पूर्ण गुरु की शरणागति!

मनमुख (थोड़ा चिढ़कर) - हुँ, पर यह रास्ता इतना सीध और सरल भी नहीं है... खासकर मेरे जैसे के लिए, जिसका मन गुरु-वुरु धरण करने को कतई तैयार नहीं।

गुरुमुख (स्नेहपूर्वक) -  समझता हूँ! तेरी मनोदशा को मैं भली-भांति पढ़ पा रहा हूँ...तेरे मन को मनाने के लिए ही तो तुझे इस अद्भुत यात्रा पर लेकर आया हूँ...चल, चलते हैं हम अलग-अलग युगों की सैर पर...

Additional Information

Additional Information

Type Book
Reviews

Write Your Own Review

You're reviewing: Har Yug Ki Pukar

Tags

Product Tags

Use spaces to separate tags. Use single quotes (') for phrases.

Back to top